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गाजीपुर: सपा की 'सद्भाव साइकिल यात्रा' पर प्रशासन की रोक से सियासत गरमाई, अब पदयात्रा का एलान

गाजीपुर। जनपद में समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से आयोजित प्रस्तावित 'समाजवादी सद्भाव साइकिल यात्रा' को स्थानीय प्रशासन द्वारा अनुमति ...

गाजीपुर। जनपद में समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से आयोजित प्रस्तावित 'समाजवादी सद्भाव साइकिल यात्रा' को स्थानीय प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने के बाद जिले का राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। समाजवादी पार्टी महिला सभा की प्रदेश सचिव पुनीता सिंह खुशबू और चर्चित सपा नेता सुजीत 'साइकिल' के संयुक्त नेतृत्व में निकाली जाने वाली इस यात्रा को पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रा रोकने पहुंची पुलिस टीम और सपा की महिला कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक हुई। सपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन बताते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक दबाव बनाकर प्रशासनिक दुरुपयोग करने का सीधा आरोप लगाया है।

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साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में गाजीपुर पहुंचीं 'समाजवादी महिला सभा' की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर ने कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार समाजवादी पार्टी की दिन-प्रतिदिन बढ़ती लोकप्रियता, विशाल जनाधार और जनता के अपार समर्थन से बुरी तरह घबरा गई है। सीमा राजभर ने आरोप लगाया कि इसी बोखलाहट और डर के कारण पुलिस-प्रशासन का सहारा लेकर शांतिपूर्ण साइकिल यात्रा की अनुमति रद्द कराई गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस दमनकारी नीति का जवाब देने के लिए अभी से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करें और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की प्रचंड बहुमत की सरकार बनाकर अखिलेश यादव को पुनः मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लें।

महिलाओं की आवाज दबा रही सरकार: पुनीता सिंह खुशबू कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव पुनीता सिंह खुशबू ने कहा कि 'समाजवादी सद्भाव साइकिल यात्रा' का मूल उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और युवाओं को सामाजिक-राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार 'महिला सम्मान' का ढोल पीटती है, उसी के राज में महिलाओं के नेतृत्व में निकलने वाली एक शांतिपूर्ण यात्रा को पुलिस के बल पर रुकवा दिया गया, जो लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देशभक्ति की बात करने वाले लोग अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महान चंद्रशेखर आजाद के सम्मान के साथ भी न्याय नहीं कर पाए हैं।

साइकिल नहीं तो अब निकालेंगे पदयात्रा: सुजीत 'साइकिल' प्रशासनिक पाबंदी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सपा नेता सुजीत 'साइकिल' ने दोटूक शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी दमनकारी नीतियों के आगे कतई झुकने और पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने मंच से घोषणा की कि यदि प्रशासन साइकिल यात्रा की अनुमति नहीं देता है, तो समाजवादी कार्यकर्ता अब गांव-गांव जाकर 'पदयात्रा' (पैदल मार्च) निकालेंगे और जनता के बीच जाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश करेंगे। सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कार्यकर्ताओं को निराश न होने की सलाह देते हुए महंगाई, बेरोजगारी और ध्वस्त कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर जनता को गोलबंद करने का निर्देश दिया।

इस हाईवोल्टेज राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान पूर्व एमएलसी काशीनाथ यादव, सांसद प्रतिनिधि बलराम पटेल, विधायक प्रतिनिधि आदित्य यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी सिंह यादव, ननकू यादव, पूर्व विधायक खुर्शीद अहमद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सीमा यादव, सपा नेता मार्कण्डेय यादव, मुन्नन यादव, सदर विधानसभा अध्यक्ष तहसीन अहमद, राजेंद्र यादव और अनिल यादव सहित सैकड़ों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।